इन्टरनेट की असुविधा की वजह से मोबाइल पोस्टिंग को विवश हूँ. मगर इस पोस्ट को modified जरुर कर दूंगा. प्रेम माह पर जारी श्रंखला का आज काफी globally accepted दिन भी है; साथ ही आज ' Venus of the Indian Cine Screen' "मधुबाला" का जन्मदिन भी है.
ऐसे में जब दिल्ली में सूरज चाचू भी वैलेंटाइन दिवस मनाने के मूड में हों, तब
हरेक सिद्धांत में प्रेम की झलक दिखना अनाशयोक्ति नहीं मानी जानी चाहिए.
प्रस्तुत हैं कलाम साहब की कुछ पंक्तियाँ; भावार्थ तथा विवेचना के लिए आप स्वयं ही सक्षम हैं . :-)
"यदि आप किसी को कुछ लिखकर बताना चाहते हैं,
तो लिखने के बजाये उससे बात करना ज्यादा बेहतर है;
यदि आप किसी से बात करना चाहते हैं,
तो बात करने के बजाये उससे मिलना सदैव बेहतर होता है ;
यदि आप किसी से मिलना चाहते हैं,
तो तुरंत मिलें,
इससे पहले कि बहुत देर हो जाये."
वैलेंटाइन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ....

