इंडियन आइडल श्री राम के नाम रही पहली शाम
आज से हरियाणा का प्रसिद्द 'सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला' आरंभ हो गया. 1 -15 फरवरी, 2011 तक आयोजित होने वाला यह आयोजन अपनी तरह का एक अनूठा आयोजन है.
देश की शिल्प संस्कृति और विविधता को दर्शाने वाले इस मेले में हर वर्ष किसी राज्य को थीम बनाया जाता है. इस वर्ष इस मेले का थीम राज्य है - ' आँध्रप्रदेश '. अन्य राज्यों के अलावे आंध्रप्रदेश की कला, शिल्प और संस्कृति की विशेष झलक देखी जा सकती है इस बार.
इस वर्ष इस मेले में सार्क (SAARC) देशों के प्रतिनिधी भी शामिल हो रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान इस वर्ष इस मेले के सहयोगी राष्ट्र की भूमिका निभा रहा है.
मेले में शिल्प, कला आदि के अलावे विभिन्न राज्यों के विशिष्ट और परंपरागत खान-पान का भी आनंद उठाया जा सकता है.
मेले के साथ संबद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में आज की शाम रही 'इन्डियन आइडल' विजेता श्री राम के नाम. नाट्यशाला में खुले आसमान के नीचे बैठे दर्शकों को इन्होने अपने सुरों और अंदाज पर झूमाते हुए मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान जहाँ वो युवा दिलों की भावनाओं को अभिव्यक्ति देते नजर आये तो वहीँ बच्चों के साथ भी झूमे और तेलुगूभाषिओं की भावनाओं को भी पूरा सम्मान दिया.
आगामी दिनों में उत्सव की इस श्रंखला में शास्त्रीय और लोक नृत्य, ग़जल, लोक गीत, जादू जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी शामिल किये जायेंगे. मेरी व्यक्तिगत राय में ऐसे महोत्सव में किसी विशिष्ट मित्र के साथ जायें तो शायद ज्यादा एन्जॉय कर पाएं, अन्यथा मेरी तरह सिर्फ रिपोर्टिंग और विरासत दर्शन की ही अनुभूति के साथ लौट आने की स्थिति में होंगे. : - ) कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी, भ्रमण तथा ठहरने आदि संबंधी जानकारी के लिए हरियाणा टूरिज्म की वेबसाईट पर भी संपर्क कर सकते हैं.
सूरजकुंड के संबंध में कुछ ऐतिहासिक जानकारी अगली किसी पोस्ट में जल्द ही. तब तक लुत्फ़ उठाइए 'सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला' का.









