Wednesday, February 2, 2011

25 वाँ 'सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला'

इंडियन आइडल श्री राम के नाम रही पहली शाम



आज से हरियाणा का प्रसिद्द 'सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला' आरंभ हो गया. 1 -15 फरवरी, 2011 तक आयोजित होने वाला यह आयोजन अपनी तरह का एक अनूठा आयोजन है.

देश की शिल्प संस्कृति और विविधता को दर्शाने वाले इस मेले में हर वर्ष किसी राज्य को थीम बनाया जाता है. इस वर्ष इस मेले का थीम राज्य है - ' आँध्रप्रदेश '. अन्य राज्यों के अलावे आंध्रप्रदेश की कला, शिल्प और संस्कृति की विशेष झलक देखी जा सकती है इस बार.
इस वर्ष इस मेले में सार्क (SAARC) देशों के प्रतिनिधी भी शामिल हो रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान इस वर्ष इस मेले के सहयोगी राष्ट्र की भूमिका निभा रहा है.

मेले में शिल्प, कला आदि के अलावे विभिन्न राज्यों के विशिष्ट और परंपरागत खान-पान का भी आनंद उठाया जा सकता है.
मेले के साथ संबद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में आज की शाम रही 'इन्डियन आइडल' विजेता श्री राम के नाम. नाट्यशाला में खुले आसमान के नीचे बैठे दर्शकों को इन्होने अपने सुरों और अंदाज पर झूमाते हुए मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान जहाँ वो युवा दिलों की भावनाओं को अभिव्यक्ति देते नजर आये तो वहीँ बच्चों के साथ भी झूमे और तेलुगूभाषिओं की भावनाओं को भी पूरा सम्मान दिया.
आगामी दिनों में उत्सव की इस श्रंखला में शास्त्रीय और लोक नृत्य, ग़जल, लोक गीत, जादू जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी शामिल किये जायेंगे. मेरी व्यक्तिगत राय में ऐसे महोत्सव में किसी विशिष्ट मित्र के साथ जायें तो शायद ज्यादा एन्जॉय कर पाएं, अन्यथा मेरी तरह सिर्फ रिपोर्टिंग और विरासत दर्शन की ही अनुभूति के साथ लौट आने की स्थिति में होंगे. : - ) कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी, भ्रमण तथा ठहरने आदि संबंधी जानकारी के लिए हरियाणा टूरिज्म की वेबसाईट पर भी संपर्क कर सकते हैं.

सूरजकुंड के संबंध में कुछ ऐतिहासिक जानकारी अगली किसी पोस्ट में जल्द ही. तब तक लुत्फ़ उठाइए 'सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला' का.

5 comments:

Arvind Mishra said...

मेला मानव की उदात्त अभिव्यक्तियों और प्रवृत्तियों का प्रगटीकरण है ....मगर हाँ अकेले मेला क्या देखना ..इसका शाब्दिक अर्थ ही है -मिलना ,संपर्क ....मगर मेले भी तो साथी ढूंढें जा सकते हैं ......अगर बाहर से साथ छूट गया तो :)
सूरज कुंड मेले से जुड़कर देखिये आप कितना ऊर्जित महसूस कर रहे हैं -अगला विवरण प्रतीक्षित रहेगा !

Aditi Yadav said...

kaash ke saath waale TEs and TOs bhi itne hi utsaah se mele ka aanand uthane me shirkat karte :D
Anyways, nice kickstart to the fair. Mele me roshni ki vyavastha behtar hoti toh aur bhi accha hota.

शिवकुमार ( शिवा) said...

बहुत सुंदर

अभिषेक मिश्र said...

@ अरविन्द मिश्र जी,
आपकी बातों को ध्यान में रखूँगा.
वैसे यह दिव्य ज्ञान है या 'ब्लौगर टेलीपैथी' जैसी कोई नई विधा ! :-)

राज भाटिय़ा said...

अगर वहा होते तो देख ही आते इस मेले को, जानकारी के लिये धन्यवाद

वीडियो - "झूला झूले से बिहारी.....'

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