Monday, August 8, 2011

भ्रष्टाचार, भरोसा और भूल के त्रिकोण में खो गई रूचि भुट्टन



रूचि भुट्टन की याद है आपको. एक महीना भी नहीं हुआ है इस हादसे को, और अखबारों के पन्नों से उतरती यह खबर हमारी यादों से भी उतर सी गई थी. महिला अपराधों की अनगिनत घटनाओं की तरह इसे भी नजरअंदाज कर दिया जाता और शायद एक हाई प्रोफाइल हस्ती के इन्वोल्वमेंट की वजह से इसे रफा-दफा करने की साजिश की भी जा रही हो, मगर शायद पूरी तरह से ऐसा हो पायेगा नहीं. 



रूचि का जीवन भी एक प्रेम त्रिकोण में उलझ कर रह गया. उसका शेयर व्यवसायी सुमित भुट्टन से प्रेम सह अरेंज विवाह हुआ था, और उनका आर्यन नाम का पुत्र भी था. 5 जुलाई की रात रूचि भुट्टन की आत्महत्या की खबर उसके पति द्वारा उसकी बहन प्रीति को दी गई. रूचि की माँ श्रीमती सुधा गुप्ता ने पुलिस में उसकी हत्या की आशंका की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस की जांच अभी हत्या और आत्महत्या के इर्द-गिर्द ही घूम रही थी कि रूचि की डायरी ने कई नए राज खोल डाले. डायरी के अनुसार सुमित के एक प्रसिद्द Tollywood अभिनेत्री व मॉडल मीरा चोपड़ा के साथ विवाह पूर्व से ही प्रेम संबंध थे. केस को दबाने में साख के इस्तेमाल के संकेत तब मिलने लगते हैं जब यह तथ्य सामने आता है कि मीरा चोपड़ा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की Cousin हैं, वैसे समाचारों में इन दोनों के परिवारों के मध्य मनमुटाव की भी खबरें आती रही हैं. रूचि के परिवार ने सुमित और मीरा दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है. सुमित तो इस मामले में जेल जा चुका है, मगर पुलिस मीरा को गिरफ्तार करने में अब तक नाकाम ही रही है. 

मगर जैसा कि मैंने उपर कहा अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता अब हमारे समाज में काफी व्यापक हो चुकी है. रूचि की बहनें शेफाली, प्रीती, परिवार और कई मित्र  रूचि को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर आये हैं. कल शाम उन्होंने जंतर - मंतर से इण्डिया गेट तक कैंडल मार्च निकलने का कार्यक्रम तय किया था. पुलिस के प्रति उनकी एक शिकायत भ्रष्टाचार की भी है, और भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनके इस संघर्ष को 'इण्डिया अगेंस्ट करप्शन' का भी सहयोग मिल रहा है. कल चाहे अरविन्द केजरीवाल के साथ जंतर-मंतर मार्च को पुलिस द्वारा रोक दिए जाने का असर रूचि के प्रति चल रहे मूवमेंट पर भी पड़ा; मगर मुझे यकीन है कि इनका संघर्ष भी अपने तार्किक अंजाम तक पहुंचेगा. 

अपराध और क़ानूनी पहलू के अलावे इस प्रकरण का एक सामाजिक पहलु भी है. हमारे समाज में स्त्री अपराध इतने सहज क्यों हैं. सच कहूँ तो शेफाली की आँखों में छलकते आंसू और भरी-सी आवाज ने मुझे भी भावुक और निःशब्द कर दिया है. शर्मिंदा होने के लिए इस देश में किसी एक राज्य या गाँव पर ही फोकस करने की जरुरत नहीं है. अपने परिवेश में ही कई ऐसी परिस्थितियां हैं जहाँ अपनी बेबसी स्वयं को शर्मिंदा करने के लिए काफी है. 


इस अनुभव ने मुझे काफी अशांत कर दिया है और इस अशांति में मैं रूचि की आत्मा की शांति की प्रार्थना  कर भी कैसे सकता था ! इसीलिए मैंने वहाँ अपना एक सन्देश भी छोड़ा है कि -

 " I don't want to her rest in Peace, till she got Justice ....."

video


इससे संबद्ध यह वीडियो यहाँ भी देख सकते हैं. 

15 comments:

Suresh Kumar said...

Wakai bhaiya...aapane sach likha likha..."शर्मिंदा होने के लिए इस देश में किसी एक राज्य या गाँव पर ही फोकस करने की जरुरत नहीं है. अपने परिवेश में ही कई ऐसी परिस्थितियां हैं जहाँ अपनी बेबसी स्वयं को शर्मिंदा करने के लिए काफी है."....Bhagwan unaki aatma ko shanti de...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

उन्‍हें न्‍याय मिलना ही चाहिए।

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ब्‍लॉगसमीक्षा की 27वीं कड़ी!
क्‍या भारतीयों तक पहुँचेगी यह नई चेतना ?

शिखा कौशिक said...

रूचि को न्याय मिलना ही चाहिए .सार्थक पोस्ट .आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

मनोज कुमार said...

आपके इस विचार, और मुहिम में मैं भी शामिल हूँ।

रचना दीक्षित said...

सार्थक पोस्ट

Jyoti Mishra said...

I am totally supporting u n ruchi !!

Arvind Mishra said...

बहुत दुखद !

Shaurav Kumar said...

In sab cheezon se hum khud bhi guzarte hain kahin na kahin.. Bas humein khud bhi jaaagrook hona chahiyee taki bhulee se ye hum apne desh aur samaj ko sharminda na kare..

Rahul Singh said...

जबरदस्‍त संदेश.

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

Afsosjanak hain aisi ghatnayen....

veerubhai said...

इस प्रेम तरीकों में दूसरी औरत का होना दुखद है .यहाँ संबंधों में ईमानदारी नहीं है विदेशी स्वेच्छा से अलग हो नया कुछ कर लेतें हैं .आपने एक ज्वलंत मुद्दे पर रोशनी डाली हैं यहाँ रुची ही मारी जातीं हैं . . .http://veerubhai1947.blogspot.com/
सोमवार, ८ अगस्त २०११
What the Yuck: Can PMS change your boob size?

shivranjan said...

Aapki Sharmindgi bilkul jayaj hai Mihra ji. Use vyakt bhi achchha kiya hai. Kintu satya yah hai..ki Aap sharmingi uthate rahiye... aur jinhe aapko sharminda karna hai .. wo karte hi rahenge...Ram aur Rawan hamesha yahan rahenge...Sawal yah hai ham Ram ki taraf.. se hain ya Rawan ki....

anu said...

अभिषेक ....दिल को छू लेने वाली पोस्ट है आपकी ....एक ओर जस्सिका हत्या काण्ड ....अफ़सोस होता है जब कोई ऐसी घटना सामने आती है ...हम मूक दर्शक बने बस तमाशा देखते ..ओर हर पोस्ट पर ...बहुत खूब...चर्चा का विषय बना कर रख देते है ...सही रूप से न्याय कब मिलेगा ये किसी को नहीं पता

shilpy pandey said...

jaane kitni Ruchiyan,isi traasadi ko jiti aa rahi hain,bardasht bhi karti hain..jo bardasht nahi kar pati wo khud ko khatm kar leti hai....aur jo awazz uthati hai,uski awaz hamesha ke liye band kar di jati hai..is ghatna k bad shayad un sabhi ruchiyon ko nyay milne ki ummeed milegi

वीडियो - "झूला झूले से बिहारी.....'

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