Saturday, August 29, 2009

ये है ब्लौगिंग मेरी जाँ...

ब्लौगिंग फेयरवेळ हो गया तो इसका मतलब सभी ने यह तो नहीं लगा लिया कि ब्लौगिंग समाप्त हो गई ! अजी कहानी अभी बाकी है...


ब्लौगिंग के सफ़र में कई सहयात्री मिले, और कई ब्लौगरों से जान-पहचान भी हुई। आज की पोस्ट ऐसे ही कुछ ब्लौगर्स पर, जिन्हें जैसा मैंने पाया -


1) अरविन्द मिश्र - इन्हें यदि ब्लॉग जगत का देवानंद कहूँ तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। हर विषय पर (तथाकथित बोल्ड विषयों पर भी) स्पष्ट सोच, अभिव्यक्ति, बेबाकी, भविष्य पर नजर, नयी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन. क्या इतनी खूबियाँ काफी नहीं इन्हें ब्लॉग जगत का देवानंद साबित करने के लिए !

2) रंजना भाटिया - 'अमृता प्रीतम' की अनछुई दुनिया से रु-ब-रु करने के इनके प्रयास की जितनी सराहना की जाये कम है। इनका यह ब्लॉग एक अलग ही दुनिया में ले जाता है पढने वालों को।

3) संगीता पूरी - इन्हें इनकी दृढ़ता और आत्मविश्वास के लिए ब्लॉगजगत की 'लौहमहिला' के रूप में विभूषित करूँ तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। जहाँ किसी के एक छींक आने पर लोग ब्लौगिंग से हाथ झाड़ लेते हैं, ये अपने 'गत्यात्मक ज्योतिष' की सार्थकता को सिद्ध करने के लिए तमाम झंझावातों के बावजूद अपनी पूरी क्षमता के साथ लगी हुई हैं।

4)विनीता यशस्वी - सादगी, निश्चलता और सुन्दर अभिव्यक्ति क्या होती है कोई इन के ब्लॉग 'यशस्वी' से सीखे। नैनीताल की खुबसूरत वादियों से अपने यात्रा संस्मरण बांटती विनीता जी को पढना उन राहों से गुजरने सा अहसास देता है।

5) नीरज मुसाफिर - ये तो नाम से ही 'मुसाफिर' हैं। इनका ब्लॉग क्या है, एक टूरिस्ट गाइड साईट है। यात्रा अनुभवों का इनके पास भी भरपूर खजाना है, मगर इनके साथ भ्रमण में धीमे चलने की गुंजाईश नहीं। इनके कदम-से-कदम मिलाने के लिए इनके भ्रमण तथा लेखन शैली की गतिशीलता अपनानी होगी।

6) जीशान जैदी - सच्चे अर्थों में कर्मयोगी। टिप्पणियों की संख्या से बे-परवाह नित नई विज्ञान कथाओं की रचना में संलग्न। इनके ब्लॉग पर जाना फंतासी भरी दुनिया की यात्रा से कम अहसास नहीं देता।

७) डॉ. अमर कुमार - इनके 'काकोरी के शहीद' ब्लॉग से इनसे आत्मीयता बढ़ी । राम प्रसाद बिस्मिल जी के शब्दों को ब्लॉग जगत में उतार ब्लौगिंग को एक अमूल्य भेंट दी है इन्होने। इनके इस ब्लॉग को ब्लॉग जगत की एक धरोहर मानता हूँ मैं।

8) पी. एन. सुब्रमणियन - इनके 'मल्हार' ब्लॉग ने इस देश की विविधतापूर्ण संस्कृति को काफी नजदीक से जानने का अवसर दिया।


श्रंखला काफी लंबी जा सकती है, जिसे पूरा करने के लिए शायद मुझे कुछ और जन्म भी लेने पड़ें (क्योंकि मैं पुनर्जन्म में अविश्वास नहीं करता); किन्तु यहाँ मैंने उन कुछ ब्लोग्स और ब्लौगर्स का जिक्र बिना किसी विशेष वरीयता क्रम के करने का प्रयास किया जिनसे इस ब्लौगावधि में काफी प्रभावित हुआ। शेष फिर कभी, क्योंकि कहानी तो अभी बाकी है ही...




15 comments:

विद्यासागर महथा said...
This comment has been removed by the author.
संगीता पुरी said...

'लौहमहिला' .. इतनी बडी उपाधि दे दी मुझे .. वैसे मैं अंदर से बहुत कोमल और भावुक हूं .. पर गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष को साबित करने के लिए .. दृढता और आत्‍मविश्‍वास की जरूरत पड रही है .. पर आप जैसे कुछ लोगों का सहयोग ही तो मुझे वह शक्ति दे जाता है .. आपको बहुत बहुत धन्‍यवाद !!

श्यामल सुमन said...

लौह महिला को बधाई। अच्छी अच्छी उपाधियाँ देकर आपने सबको नबाजा है।

yunus said...

भई इसे फेयरवेल मत कहो ।
और हां । जहां जा रहे हो वहां की खबरें भला कौन देगा । और कहां से देगा ।
इसी ब्‍लॉग पर तुम्‍हारा इंतज़ार रहेगा ।
और हां ।
वहां विविध भारती खूब सुना जाता है ।
हमारा मन किया तो वहां चले आयेंगे । समझे ।

समयचक्र said...

लौह महिला को बधाई।
समयचक्र: चिठ्ठी चर्चा : ये चिठ्ठी शानदार तो नहीं है पर सबको साथ लेकर चलने वाली है .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

BAHUT KOOB BHAIYA.
AAPNE BAHIN JI KO TO SARDAR PATEL KE SHRENII MEN LA DIYA. AB KISKA NUMBER HAI.

नीरज जाट जी said...

अभिषेक जी,
आप गए नहीं अभी तक?
हमसे हमारा ही परिचय करा रहे हो.
कहीं यह पोस्ट अरुणाचल से तो नहीं लिखी?

Arvind Mishra said...

एक साथ इतने महा ब्लागरों की चर्चा -कहाँ एक ही काफी है ! और मेरी रही सही मिट्टी भी पलीद न करे ! कहाँ कृष कायिक देवानद और कहाँ मुट्ल्ला मैं -मेरी तुलना समीर जी से करते तो थोड़ी चल जाती ! मैं तो चाह्ता हूँ आपका ब्लॉग लेखन कैसे भी हो चलता ही रहे ! पुनर्जन्म पर जो लेख डॉ अमर कुमार ने वेब लोग पर संग्रह किया था वह आपका ही है पता नहीं था -बाद में लवली ने बताया ! मैं एक बार उसे फिर उसे पढता हूँ ! मैं पुनर्जन्म में विश्वास नहीं रखता क्योंकि इसके कोई प्रमाण मुझे नहीं मिले ! कभी मिले तो बताईयेगा क्रॉस परीक्षण के लिए !
और साथियों से परिचय पुनर्परिचय के लिए आभार !
आपकी नयी जिन्दगी मजेदार हो -मेरी शुभकामनाएं !

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

आते रहिये!

Abhishek Mishra said...

@ युनूस जी,
आपने बता दिया, तो जान में जान आई, कि विविध भारती का साथ छुटेगा नहीं. रेडियो तो साथ रहेगा ही और इसी बहाने आपसे संपर्क भी.

Nirmla Kapila said...

बहुत बदिया पोस्त संगीता जी को बधाई

Nirmla Kapila said...

बहुत बदिया पोस्त संगीता जी को बधाई

विनीता यशस्वी said...

ye to apki sirf Banaras se hi vidai hai...blog jagat se to vidai apko nahi milne wali hai...

काव्या शुक्ला said...

Ye shamaa jalaaye rakkhen.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को प्रगति पथ पर ले जाएं।

Mired Mirage said...

आपके चुनाव से सहमत हूँ किन्तु मुझे तो यहाँ हरेक में विशेषताएँ देखने को मिलती हैं। किसी के भी ब्लॉग को पढ़ो मन में हजार विचार उठने लगते हैं।
घुघूती बासूती

वीडियो - "झूला झूले से बिहारी.....'

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